SBI नामली शाखा में दिगंबर संत से कथित बदसलूकी और बंदूक दिखाने का आरोप

₹50 हजार जमा कराने पहुंचे संत ने सुरक्षा गार्ड पर लगाए गंभीर आरोप; गुरुभक्त विजय आतेड़िया व गोपाल जायसवाल बोले—“हम दोनों घटना के दौरान बैंक के अंदर मौजूद थे, पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग करेंगे”

नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण

नामली/रतलाम। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की नामली शाखा में ₹50 हजार की राशि जमा कराने पहुंचे पुष्कर निवासी दिगंबर संत श्री दिगंबर निरंजन गिरी जी महाराज के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। संत द्वारा नामली पुलिस थाने में दिए गए आवेदन में बैंक के सुरक्षा गार्ड पर उन्हें शाखा से बाहर निकालने, कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा बंदूक दिखाकर भयभीत करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के समय संत के साथ मौजूद गुरुभक्त विजय आतेड़िया एवं गोपाल जायसवाल ने भी स्वयं को घटनास्थल पर मौजूद बताते हुए पुलिस के समक्ष अपना बयान देने और मामले में कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

₹50 हजार जमा कराने बैंक पहुंचे थे संत

शिकायत के अनुसार 24 सितंबर 2026 को श्री दिगंबर निरंजन गिरी जी महाराज अपने बैंक खाते में ₹50 हजार जमा कराने के लिए SBI नामली शाखा पहुंचे थे। उनके साथ गुरुभक्त विजय आतेड़िया एवं गोपाल जायसवाल भी बैंक के अंदर मौजूद थे।
संत का आरोप है कि बैंक शाखा में प्रवेश करने के बाद सुरक्षा गार्ड शैलेन्द्र सिंह चौहान ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने बैंक में किसी प्रकार का विवाद या अनुशासनहीनता नहीं की थी और वे केवल अपने खाते में राशि जमा कराने के उद्देश्य से शाखा पहुंचे थे।

प्रत्यक्षदर्शी गुरुभक्तों ने कहा—हम बैंक के अंदर मौजूद थे

घटना के संबंध में गुरुभक्त विजय आतेड़िया और गोपाल जायसवाल का कहना है कि वे दोनों उस समय संत के साथ बैंक शाखा के अंदर मौजूद थे। दोनों ने पुलिस के समक्ष आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि घटना के संबंध में जो कुछ उन्होंने अपनी मौजूदगी में देखा-सुना है, उसे पुलिस जांच के दौरान बताया जाएगा। दोनों ने यह भी कहा कि बैंक परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आने से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

बंदूक दिखाकर भयभीत करने का आरोप

शिकायत में सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित रूप से बंदूक दिखाकर भयभीत करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि घटना के समय सुरक्षा गार्ड के पास मौजूद हथियार की प्रकृति, उसके लाइसेंस अथवा अनुमति तथा ड्यूटी के दौरान हथियार रखने की वैधानिक स्थिति की जांच की जाए।

मामले में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

दिगंबर संत होने के कारण वस्त्र नहीं पहनने की बात

श्री दिगंबर निरंजन गिरी जी महाराज ने बताया कि वे दिगंबर संन्यासी हैं और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार सामान्य रूप से वस्त्र धारण नहीं करते। उनका कहना है कि बैंक पहुंचने के दौरान उन्होंने शरीर को ढकने के लिए बड़ा गमछा/कपड़ा ओढ़ रखा था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था अथवा प्रवेश को लेकर कोई आपत्ति या नियम था तो उसे सम्मानजनक तरीके से समझाया जा सकता था। उनका आरोप है कि इसके बजाय कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया और हथियार दिखाकर भयभीत किया गया।

घटना के बाद जमा नहीं हो सकी राशि

शिकायतकर्ता के अनुसार कथित विवाद के बाद ₹50 हजार की राशि SBI नामली शाखा में जमा नहीं हो सकी। बाद में महंत श्री त्र्यंबकेश्वर गिरी जी महाराज की सहायता से बैंक कियोस्क/अन्य उपलब्ध बैंकिंग माध्यम के जरिए श्री दिगंबर निरंजन गिरी जी महाराज के खाते में ₹50 हजार जमा कराए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार इस प्रक्रिया में करीब ₹500 अतिरिक्त शुल्क/चार्ज लगने की बात भी सामने आई है। इस संबंध में बैंकिंग रसीद अथवा लेन-देन के दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

महंत त्र्यंबकेश्वर गिरी भी पहुंचे बैंक

घटनाक्रम के बाद पंचेड़ फंटा स्थित श्री दयानंद पूरी आश्रम से जुड़े महंत श्री त्र्यंबकेश्वर गिरी जी महाराज के बैंक शाखा पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार महंत ने सुरक्षा गार्ड से संत को शाखा से बाहर किए जाने का कारण पूछा। इसके बाद राशि जमा कराने के लिए अन्य बैंकिंग माध्यम का सहारा लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि बैंक के CCTV फुटेज एवं बैंक कर्मचारियों तथा मौके पर मौजूद ग्राहकों के बयान से की जा सकती है।

CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग

श्री दिगंबर निरंजन गिरी जी महाराज ने नामली पुलिस से मांग की है कि 24 सितंबर 2026 को घटना के समय का SBI शाखा परिसर का CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित कराया जाए। इसके अलावा शिकायत में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी रजिस्टर, तैनाती संबंधी रिकॉर्ड, बैंक कर्मचारियों के बयान तथा घटना के समय मौजूद ग्राहकों एवं अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाने की मांग की गई है। नामली गुरुभक्त विजय आतेड़िया एवं गोपाल जायसवाल ने भी कहा है कि वे घटना के समय बैंक के अंदर मौजूद थे और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज कराएंगे।

पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि नामली पुलिस थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से यह भी अनुरोध किया है कि यदि जांच में सुरक्षा गार्ड द्वारा धमकी, भय उत्पन्न करने, अभद्र व्यवहार, हथियार के अनुचित प्रदर्शन अथवा किसी अन्य दंडनीय कृत्य की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही

मामले में फिलहाल संत एवं उनके साथ मौजूद लोगों की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। बैंक प्रबंधन अथवा सुरक्षा गार्ड की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में CCTV फुटेज, बैंक कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक SBI नामली शाखा प्रबंधन एवं सुरक्षा गार्ड शैलेन्द्र सिंह चौहान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।

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