पुलिस ने बांसपानी, पाढ़र और जामठी स्कूलों में चलाया जागरूकता अभियान
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल। उमंग दिवस के अवसर पर बैतूल पुलिस द्वारा जिले के शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश की महिला सुरक्षा शाखा के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना रहा।
थाना कोतवाली क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांसपानी, पाढ़र एवं जामठी में पुलिस अधिकारियों और महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क की टीम ने छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा के उपायों के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और ऑनलाइन होने वाले साइबर अपराधों से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 की सहायता ली जा सकती है। साथ ही किसी अनुचित व्यवहार या परेशानी को छिपाने के बजाय तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ‘जोशा टॉक’ के माध्यम से बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और प्रश्न सुने गए तथा आवश्यक जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया।
इस दौरान थाना कोतवाली, चौकी पाढ़र एवं चौकी सोनाघाटी से उपनिरीक्षक छत्रपाल धुर्वे एवं चित्रा कुमरे, महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क से महिला प्रधान आरक्षक ललिता इवने एवं निर्मला उइके, पुलिसकर्मी पवन लोवंशी एवं विष्णु सहित विद्यालयों का स्टाफ मौजूद रहा।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन ने बालिकाओं से अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के अपराध या अनुचित व्यवहार को चुपचाप सहन नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने बालिकाओं को आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में इस वर्ष की उमंग दिवस की थीम “उमंग है तो जिंदगी में रंग है—चुनौतियों से लड़कर सकारात्मकता से गढ़ें भविष्य” के माध्यम से बालिकाओं को चुनौतियों का साहस के साथ सामना कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया गया।

